कारगिल विजय दिवस की 27 वीं वर्षगांठ पर गयाजी जिला के कारगिल शहीदों के नाम कोई शहीद स्थल नहीं होना आश्चर्यजनक

गया । 1999 में कारगिल की बर्फीली पहाड़ियों पर पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए भारतीय सेना ने अपने अद्भुत साहस से 60 दिनों के अंदर विजय प्राप्त किया था, जिसे आज हम भारतीय इसे कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाते हैं। गयाजी के स्थानीय कोतवाली थाने के समीप स्थित शाहिद स्मारक के पास कॉंग्रेस पार्टी के नेताओं कार्यकर्ताओं ने कारगिल विजय दिवस मनाया तथा इसमें शाहिद हुए देश के जांबाज शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कॉंग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, शिव कुमार चौरसिया, टिंकू गिरी, मनोज राय, कृष्णा कानू आदि ने शहीदों को सलाम करते हुए कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को सबक सिखाने का काम किया था, बर्फीली चोटियों, पहाड़ों पर जो अद्भुत साहस का परिचय भारतीय सैनिकों ने दिया था वो कभी भुला नहीं जा सकता। गया जिला के जांबाज कारगिल युद्ध के शहीदों का नाम अभी तक पटना के गांधी मैदान के पास स्थित कारगिल चौक पर इनका नाम अंकित नहीं है, ना ही गयाजी में कहीं कारगिल के शहीदों के नाम पर कोई स्थान है। आज से दो वर्ष पहले करगिल दिवस के दिन तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के पास ज्ञापन भेज कर गयाजी के चौक के लहरिया टोला तीन मुहाने के पास कारगिल शाहिद स्थल बनाने हेतु अनुरोध करने पर उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिख कर गयाजी में कारगिल के शहीदों के नाम स्थल बनाने का अनुरोध किया था था, लेकिन अभी तक टीकारी प्रखंड के धर्मशाला गांव के मिथिलेश पंडित, तथा कुतलुपूर के राम पुकार शर्मा दोनों की याद में संयुक्त कोई स्थल नहीं बनाना आश्चर्यजनक बात है। गयाजी जिला के कारगिल युद्ध के शहीदों के नाम पर स्थल निर्माण कराने तथा पटना स्थित कारगिल चौक के शीलापट्ट पर नाम लिखने की मांग दोहराई है।

Jul 27, 2026 - 19:48
कारगिल विजय दिवस की 27  वीं वर्षगांठ पर गयाजी जिला  के  कारगिल शहीदों के नाम कोई शहीद स्थल नहीं  होना  आश्चर्यजनक

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