राज्य में सात साल बाद होनेवाले शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए 70 हज़ार आवेदन आये

सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को हर खंड में न्यूनतम 40%, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थी को न्यूनतम 35%, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व दिव्यांग अभ्यर्थी को हर खंड में न्यूनतम 30% अंक लाना होगा.

Aug 4, 2024 - 11:40
राज्य में सात साल बाद होनेवाले शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए 70 हज़ार आवेदन आये

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) के लिए आवेदन 22 अगस्त तक जमा होगा. आवेदन जमा करने की प्रक्रिया 23 जुलाई को शुरू हुई थी. परीक्षा में शामिल होने के लिए अब तक 70 हजार विद्यार्थियों ने आवेदन जमा किये हैं. राज्य में सात साल बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा हो रही है. परीक्षा सितंबर में होने की संभावना है. इसका सिलेबस अगले सप्ताह जारी होने की संभावना है.

माध्यमिक और हाई स्कूल के लिए अलग अलग परीक्षा

कक्षा एक से पांच और छह से आठ के लिए अलग-अलग परीक्षा ली जायेगी. इस वर्ष परीक्षा में सफल होने के लिए ओवर ऑल न्यूनतम अंक के साथ सभी विषयों में अलग-अलग पास मार्क्स लाना अनिवार्य है. सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को हर खंड में न्यूनतम 40%, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थी को न्यूनतम 35%, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व दिव्यांग अभ्यर्थी को हर खंड में न्यूनतम 30% अंक लाना होगा.

अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होनेवाले अभ्यर्थियों ने परीक्षा में प्रत्येक खंड में न्यूनतम अंक की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की है. अभ्यर्थियों ने इस संबंध में शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा है. अभ्यर्थियों ने कहा है कि वर्ष 2016 की परीक्षा में प्रत्येक खंड में न्यूनतम अंक का प्रावधान नहीं था. इसके साथ ही अभ्यर्थियों ने जल्द सिलेबस जारी करने की मांग की है.

राज्यभर में 665 शिक्षकों हुआ स्थानांतरण

राज्य के प्राथमिक व मध्य विद्यालय के 665 शिक्षकों का अंतर जिला स्थानांतरण किया गया है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि स्थानांतरित शिक्षकों की वरीयता नव पदस्थापित जिला में पूर्व से उस वेतनमान/ग्रेड में कार्यरत शिक्षकों से नीचे होगा. नव पदस्थापित जिला में समान वेतनमान/ग्रेड वाले शिक्षकों की वरीयता योगदान की तिथि से निर्धारित होगी. विभागीय आदेश निर्गत होने के 10 दिनों के अंदर संबंधित शिक्षक को स्थानांतरित जिला से विरमित होने की प्रत्याशा में योगदान आवेदन जमा करना अनिवार्य होगा. उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व लगभग एक हजार शिक्षकों का अंतर जिला स्थानांतरण किया गया था.

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