रांची में 4 इंच बोरिंग पर नई नियमावली से बढ़ी परेशानी, शुल्क और अनुमति को लेकर एसोसिएशन ने जताई आपत्ति
रांची: राजधानी रांची में चार इंच व्यास वाले बोरिंग को लेकर नगर निगम की नई नियमावली पर बोरवेल ऑनर एंड एजेंट्स एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि छोटे व्यास वाले बोरिंग, खासकर घरेलू उपयोग के लिए किए जाने वाले बोरिंग पर भी अनुमति और शुल्क की व्यवस्था से आम लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।
रांची:- राजधानी रांची में चार इंच व्यास वाले बोरिंग को लेकर नगर निगम की नई नियमावली पर बोरवेल ऑनर एंड एजेंट्स एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि छोटे व्यास वाले बोरिंग, खासकर घरेलू उपयोग के लिए किए जाने वाले बोरिंग पर भी अनुमति और शुल्क की व्यवस्था से आम लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।
एसोसिएशन के संरक्षक केके गुप्ता ने कहा कि नई नियमावली के तहत अब चार इंच व्यास वाले छोटे बोरिंग के लिए भी नगर निगम से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। उनका कहना है कि घरेलू जरूरत के लिए बोरिंग कराने वाले लोगों से निगम द्वारा निर्धारित शुल्क लिया जाना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की जटिल प्रक्रिया और अतिरिक्त शुल्क की व्यवस्था से अवैध वसूली की संभावना भी बढ़ सकती है।
घरेलू बोरिंग के लिए देना होगा शुल्क
नई व्यवस्था के तहत 5 हजार वर्गफीट से कम क्षेत्रफल वाले भवन मालिकों को 2,500 रुपये शुल्क देना होगा। वहीं, 5 हजार वर्गफीट से अधिक क्षेत्रफल वाले भवन मालिकों के लिए 5 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
व्यावसायिक बोरिंग के लिए अलग शुल्क
व्यावसायिक उपयोग के लिए बोरिंग कराने वालों के लिए भी शुल्क का प्रावधान किया गया है। एक हजार वर्गफीट क्षेत्रफल तक के भवन मालिकों को 5 हजार रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं, इससे अधिक क्षेत्रफल वाले भवन मालिकों से 10 रुपये प्रति वर्गफीट के हिसाब से शुल्क लेने का प्रावधान बताया गया है।
निरीक्षण के बाद मिलेगी बोरिंग की अनुमति
नियमावली के अनुसार बोरिंग की अनुमति देने से पहले नगर निगम के अधीक्षण अभियंता या सहायक अभियंता द्वारा स्थल का निरीक्षण किया जाएगा। स्थल का निरीक्षण करने के बाद ही छोटे व्यास वाले बोरिंग के लिए अनुमति प्रदान की जाएगी।
होल्डिंग नंबर जरूरी
घरेलू परिसर में बोरिंग कराने के लिए संबंधित भवन का होल्डिंग नंबर होना अनिवार्य होगा। यानी जिन मकानों में बोरिंग कराई जानी है, उनके मालिकों को निगम के रिकॉर्ड में होल्डिंग संबंधी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
खाली जमीन पर बोरिंग के लिए दस्तावेज जरूरी
वहीं, यदि किसी खाली जमीन पर बोरिंग कराया जाना है तो आवेदन के साथ जमीन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी जमा करने होंगे। इसके बाद निगम की ओर से स्थल और दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
एसोसिएशन का कहना है कि भूजल और बोरिंग को लेकर नियम बनाए जाने पर उन्हें आपत्ति नहीं है, लेकिन नियमों को इस तरह लागू किया जाना चाहिए कि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। एसोसिएशन ने निगम से शुल्क और अनुमति की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने की मांग की है।
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