JSSC नियुक्ति घोटाले की CID जांच पर बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल, CBI जांच की मांग

रांची: झारखंड में JSSC नियुक्ति घोटाले की जांच को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने CID की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मरांडी ने जांच में लीपापोती किए जाने और प्रभावशाली लोगों को बचाने की आशंका जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

Sep 13, 2026 - 22:03
JSSC नियुक्ति घोटाले की CID जांच पर बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल, CBI जांच की मांग

रांची:- झारखंड में JSSC नियुक्ति घोटाले की जांच को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने CID की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मरांडी ने जांच में लीपापोती किए जाने और प्रभावशाली लोगों को बचाने की आशंका जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

बाबूलाल मरांडी के अनुसार, उन्हें ऐसी शिकायतें मिल रही हैं जिनसे जांच की दिशा और प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान कुछ लोगों की ओर से हाईप्रोफाइल नेताओं, अधिकारियों या बिचौलियों के माध्यम से रिश्वत के लेन-देन और कथित संलिप्तता से जुड़ी जानकारी दिए जाने की बात सामने आती है, लेकिन शिकायत है कि बयानों से ऐसे महत्वपूर्ण हिस्से हटाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की शिकायतें सही पाई जाती हैं तो यह बेहद गंभीर मामला है और इससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

बयानों की वीडियोग्राफी कराने की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने संवेदनशील मामले में पूछताछ और बयान दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बयानों की मूल रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखा जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी तरह की छेड़छाड़ या बदलाव की गुंजाइश न रहे।

मरांडी ने कहा कि जांच का मकसद वास्तविक सच्चाई को सामने लाना होना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं छोटे अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराकर बड़े और प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश तो नहीं की जा रही है।

मुख्यमंत्री से CBI जांच की अनुशंसा की मांग

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से JSSC नियुक्ति घोटाले की जांच CBI को सौंपने की अनुशंसा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले में जांच को प्रभावित करने, बयानों से नाम हटाने, डिजिटल साक्ष्यों को मिटाने या महत्वपूर्ण सबूतों को दबाने जैसी शिकायतें सामने आती हैं तो उनकी भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

उन्होंने सभी मूल बयान, उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है। मरांडी ने कहा कि यह मामला राज्य के हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए सिर्फ कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों की ही नहीं, बल्कि अगर किसी ने उन्हें बचाने या जांच को प्रभावित करने की कोशिश की है तो उसकी भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

फिलहाल JSSC नियुक्ति घोटाले की जांच को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। बाबूलाल मरांडी की CBI जांच की मांग के बाद इस मुद्दे पर सरकार और जांच एजेंसी की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

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