कब है गणगौर व्रत? जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए यह व्रत किया था। तभी से गणगौर व्रत की परंपरा शुरू हुई।
NEWS DESK : हिंदू धर्म में गणगौर व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए यह व्रत किया था। तभी से गणगौर व्रत की परंपरा शुरू हुई। यह पर्व विशेष रूप से राजस्थान, हरियाणा और उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
कब है गणगौर व्रत 2026?
वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 21 मार्च 2026 को सुबह 2 बजकर 30 मिनट पर होगी और इसका समापन रात 11 बजकर 56 मिनट पर होगा। ऐसे में इस साल 21 मार्च 2026 (शनिवार) को गणगौर व्रत रखा जाएगा।
गणगौर पूजा का शुभ मुहूर्त
सूर्योदय : सुबह 06:24 बजे
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:49 बजे से 05:36 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:04 बजे से 12:52 बजे तक
संध्या: शाम 06:32 बजे से 07:43 बजे तक
पूजा मुहूर्त : सुबह 07:55 बजे से 09:26 बजे तक
गणगौर पूजा का महत्व
गणगौर व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने का विधान है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से दांपत्य जीवन में प्रेम और सौहार्द बढ़ता है। वहीं, अविवाहित कन्याएं मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती हैं। धार्मिक विश्वास है कि जो महिलाएं श्रद्धा से गणगौर व्रत रखती हैं, उनके घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
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