जीबीएम कॉलेज में तीसरे एवं पाँचवें सेमेस्टर की छात्राओं के अभिभावकों के साथ दो दिवसीय अभिभावक-शिक्षक संवाद शिविर का हुआ आयोजन

कक्षाओं में 75% से कम उपस्थिति वाली छात्राएं परीक्षा प्रपत्र भरने से रह जाएँगी वंचित : प्रधानाचार्या

Nov 5, 2026 - 21:36
जीबीएम कॉलेज में तीसरे एवं पाँचवें सेमेस्टर की छात्राओं के अभिभावकों के साथ दो दिवसीय अभिभावक-शिक्षक संवाद शिविर का हुआ आयोजन

गया जी। गौतम बुद्ध महिला कॉलेज के सावित्री महाजन सभागार में प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल के निर्देशानुसार तीसरे सेमेस्टर, सत्र 2025-29 एवं पाँचवें सेमेस्टर, सत्र 2024-28 की कक्षाओ में अध्ययनरत उन छात्राओं के अभिभावकों के साथ दो दिवसीय अभिभावक-शिक्षक संवाद शिविर का आयोजन हुआ, जिनकी उपस्थिति 75% से कम है। शिविर में छात्राओं की उपस्थिति 75% कम रहने के कारणों तथा उनकी 75% उपस्थिति सुनिश्चित करवाने के लिए गंभीर बातचीत हुई। प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल एवं उपस्थित प्राध्यापक-प्राध्यापिकाओं ने बारी-बारी से छात्राओं एवं उनके अभिभावकों से कक्षा में 75% उपस्थिति न होने के कारणों को पूछा तथा उनकी समस्याओं का समाधान सुझाया। प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल ने छात्राओं को कहा कि राजभवन के आदेशानुसार छात्र-छात्राओं को किसी भी सेमेस्टर के लिए परीक्षा फॉर्म भरने के लिए कक्षा में 75% उपस्थिति अनिवार्य है। यदि छात्राओं की उपस्थिति 75% नहीं होती है, तो वे परीक्षा प्रपत्र नहीं भर पाएँगी। प्रधानाचार्या डॉ पटेल ने सभी प्रोफेसरों को यह निर्देश दिया है कि वे छात्राओं का परीक्षा प्रपत्र तभी सत्यापित करेंगें, जबकि छात्राओं की उपस्थिति 75% हो। जिन छात्राओं की उपस्थिति 75% से कम है, वे कक्षा में उपस्थित होकर अपनी 75% उपस्थिति सुनिश्चित करें। प्रधानाचार्या तथा उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उपस्थित सभी अभिभावकों से अनुरोध किया कि वे अपनी बच्चियों को कॉलेज अवश्य भेजें, अन्यथा 75% से कम उपस्थिति वाली छात्राएँ परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित कर दी जाएंगी। संवाद शिविर के प्रथम दिन 57 और द्वितीय दिवस 59 अभिभावक शामिल हुए। सबने बारी-बारी से अपनी समस्या से अवगत कराया और आश्वासन दिया कि अगले सेमेस्टर में उनकी छात्राओं की उपस्थिति इस बार से बेहतर होगी। छात्राओं की कम उपस्थिति के अनेक कारण सामने आए। दूर-दराज क्षेत्रों से आने में असुविधा, छात्रा या उसके परिवार के सदस्यों की बीमारी, शादी के पश्चात स्थानांतरण, मातृत्व अवकाश इत्यादि जैसे कारणों को सहानुभूतिपूर्वक देखा गया। प्रत्येक वर्ष सभी छात्राएँ आंतरिक परीक्षा के समय 75% उपस्थिति का शपथ पत्र जमा करती हैं, लेकिन उसके बावजूद भरी संख्या में उपस्थिति मानक पर्याप्त नहीं होता। अतः इस बार महाविद्यालय शिक्षकगण ने सर्वसम्मति से ऐसा निर्णय लिया है कि जिनका न्यूनतम या कोई उपस्थिति नहीं है उनको परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिलेगी। महाविद्यालय में नियमित कक्षा का संचालन होता है और छात्राओं के हित के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होते रहते है।सभी शिक्षक शिक्षकेतर कर्मी छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए हमेशा तत्पर रहते है अतः छात्राओं की उपस्थिति अनिवार्य है, अन्यथा 75% उपस्थिति के अभाव में बिहार सरकार के नियमों के अनुरूप छात्रा छात्रवृत्ति से भी वंचित हो जाएगी।

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