पीएचडी शोधार्थियों के अभिमुखीकरण के साथ हुआ एक दिवसीय सेमिनार
बोधगया। मगध विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान एवं लोक प्रशासन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को पीएचडी शोधार्थियों के अभिमुखीकरण कार्यक्रम के साथ एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार का विषय ‘कार्ल मार्क्स एवं उनकी प्रासंगिकता’ था। विशेष वक्ता के रूप में राजनीति विज्ञान के प्रख्यात विद्वान एवं विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र व शिक्षक प्रो. गांधीजी राय उपस्थित रहे। अध्यक्षता कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केसरी ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। विभागाध्यक्ष प्रो. अंजनी कुमार घोष ने शोध प्रशिक्षण के दौरान नियमित कक्षा में भाग लेने के महत्व पर प्रकाश डाला।
कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केसरी ने कहा कि नियमित उपस्थिति, अकादमिक सहभागिता और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन शोध की गुणवत्ता के लिए आवश्यक है।
कुलसचिव प्रो. बी.के. मंगलम ने कार्ल मार्क्स की रचनाओं को यूरोपीय समाज के संदर्भ में रखते हुए वर्तमान समाज में उनके विचारों की उपयोगिता बताई। समाज विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. दीपक कुमार ने कहा कि पीएचडी केवल उपाधि नहीं, बल्कि गहन शोध, अनुशासन और बौद्धिक प्रतिबद्धता की साधना है।
राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रोफेसर मो. एहतेशाम खान ने कहा कि जब तक समाज के हर व्यक्ति को शिक्षा, स्वास्थ्य और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल जातीं, तब तक मार्क्स के विचार प्रासंगिक रहेंगे। उन्होंने बढ़ती आर्थिक असमानता के दौर में मार्क्सवादी विचारों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
प्रो. गांधीजी राय ने शोधार्थियों को अकादमिक अनुसंधान की गंभीरता और मौलिक अध्ययन का महत्व बताया। उन्होंने नियमित रूप से पुस्तकालय जाने, मूल पुस्तकों एवं शोध सामग्री का अध्ययन करने तथा स्वतंत्र चिंतन विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शोधार्थियों को अपने विषय का व्यापक अध्ययन कर तर्क एवं मौलिक दृष्टिकोण विकसित करना चाहिए।
प्रो. राय ने मार्क्सवाद के चार प्रमुख आधार—द्वंद्वात्मक पद्धति, वर्ग विभाजन, आर्थिक आधार और अधिशेष मूल्य—पर चर्चा की और द्वंद्वात्मक पद्धति को प्रमुख आधार बताया। उन्होंने अपनी पांच पुस्तकें राजनीति विज्ञान विभाग को भेंट कीं, जो शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के लिए उपयोगी होंगी।
कार्यक्रम का संचालन राजनीति विज्ञान विभाग के शिक्षक अबिनाश कुमार ने किया। लोक प्रशासन विभाग के प्रभारी डॉ. मो. शमशाद अंसारी ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों, विशेष वक्ता, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार जताया।
इस अवसर पर डॉ. निर्मला कुमारी, डॉ. श्रद्धा ऋषि, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. दिव्या मिश्रा, डॉ. लावण्या, डॉ. अमित, डॉ. चौहान, डॉ. यादव सहित शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मार्क्स और मार्क्सवाद की समकालीन प्रासंगिकता पर सार्थक विमर्श हुआ।