विकसित भारत हेतु तीन प्रमुख क्षेत्र: शिक्षा, स्वास्थ्य और घरेलू उद्योग :- अनंत धीश अमन
गया । विकसित भारत के निर्माण के लिए तीन क्षेत्रों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है—शिक्षा, स्वास्थ्य और घरेलू उद्योग।
भारत आज़ादी के अमृत महोत्सव से आगे बढ़कर अमृत काल में प्रवेश कर चुका है। समय के साथ देश की प्राथमिकताएँ भी बदली हैं। स्वतंत्रता के बाद रोटी, कपड़ा और मकान हमारी मूल आवश्यकताएँ थीं। वर्ष 1962 के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी। 1990 के दशक में भारत ने कंप्यूटर क्रांति की ओर कदम बढ़ाया और आज हम डिजिटल युग में प्रवेश कर चुके हैं। वर्तमान समय की मांग है कि हर युवा के एक हाथ में किताब और दूसरे हाथ में कंप्यूटर हो। शिक्षा और तकनीक का यह समन्वय ही युवाओं को स्वरोज़गार और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगा। तभी विकसित भारत और विकसित बिहार का सपना साकार होगा।शिक्षा पर विशेष ध्यान इसलिए आवश्यक है क्योंकि आज की पीढ़ी जागरूक है। वह अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने दायित्वों को भी समझती है। भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा है। इन युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगार और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। तभी विकसित भारत का संकल्प धरातल पर उतर सकेगा।
दूसरी ओर, देश की लगभग 11 से 15 प्रतिशत आबादी वरिष्ठ नागरिकों की है। उनके लिए सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार आवश्यक है। एक स्वस्थ नागरिक ही राष्ट्र के विकास में प्रभावी योगदान दे सकता है। इसलिए यह कहना उचित होगा कि "स्वस्थ भारत ही समृद्ध भारत का आधार है।"तीसरा और अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है घरेलू उद्योग। कुटीर एवं लघु उद्योग न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करते हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाते हैं। यदि प्रत्येक जिले और प्रत्येक गाँव के पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, विपणन और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म से जोड़ा जाए, तो लाखों लोगों को स्वरोज़गार मिलेगा और "अपना रोजगार, स्वरोजगार का संकल्प सशक्त होगा। अंततः, यदि शिक्षा से ज्ञान, स्वास्थ्य से शक्ति और घरेलू उद्योग से आत्मनिर्भरता को एक साथ जोड़ा जाए, तो विकसित भारत का लक्ष्य केवल एक सपना नहीं, बल्कि निकट भविष्य की वास्तविकता बन सकता है। यही अमृत काल की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी और यही विकसित बिहार तथा विकसित भारत की सच्ची पहचान बनेगी।