BREAKING : हटाए गये CBSE के चेयरमैन और सचिव, OSM विवाद के बाद सरकार का बड़ा एक्शन
NEW DELHI : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) को लेकर चल रहा विवाद अब एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल में बदल गया है। OSM में टेंडर की प्रक्रिया में बदलाव की वजह से CBSE की लगातार किरकिरी हो रही थी। ऐसे में मामले की गंभीरता को देखते हुए मोदी सरकार ने एक बेहद सख्त कदम उठाया है।
सरकार ने CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव (सेक्रेटरी) हिमांशु गुप्ता दोनों को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया है। लंबे समय से सुलग रहे इस विवाद के बाद हुई इस कार्रवाई ने शिक्षा जगत से लेकर आम जनता तक सबको चौंका दिया है।
जांच समिति का किया गया गठन
सरकार ने न सिर्फ दोनों शीर्ष अधिकारियों का तबादला किया है बल्कि इस पूरे खरीद मामले की तह तक जाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का भी गठन कर दिया है। यह कमेटी जांच करेगी कि ओएसएम सेवाओं के टेंडर और अलॉटमेंट में कहां और क्या खामियां थीं।
इस समिति की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष सुश्री एस. राधा चौहान करेंगी। बता दें कि समिति की अध्यक्ष को आवश्यकतानुसार, अन्य कार्यालयों के अधिकारियों से सहायता प्राप्त करने का अधिकार होगा। इसके अलावा समिति को सचिवालयी सहायता क्षमता निर्माण आयोग द्वारा प्रदान की जाएगी और यह समिति अपनी रिपोर्ट एक माह के भीतर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सामने प्रस्तुत करेगी।
बता दें कि 1996 बैच के आईएएस ऑफिसर राहुल सिंह को अगस्त 2025 में ही सरकार ने दो साल का विस्तार दिया था यानी इनका कार्यकाल 11 नवंबर 2027 तक था।
क्या है पूरा मामला और क्यों गिरी गाज?
दरअसल, यह पूरा मामला सीबीएसई द्वारा आंसर शीट की चेकिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) सेवाओं की खरीद से जुड़ा है। आपको बता दें कि ओएसएम का ट्रेंडर हैदराबाद स्थित कंपनी कोएंप्ट को दिया गया था, जिसकी खरीद प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों और पारदर्शिता की कमी को लेकर आरोप लग रहे थे।
जब यह विवाद लगातार बढ़ता गया और सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक इस पर सवाल उठने लगे तो केंद्र सरकार ने बिना देर किए एक्शन मोड में आना सही समझा।
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