Jharkhand JPSC-JSSC Protest : JSSC सचिव सुधीर गुप्ता के ठिकानों पर CID की छापेमारी, खंगाले गए दस्तावेज

Aug 17, 2026 - 17:42
Jharkhand JPSC-JSSC Protest : JSSC सचिव सुधीर गुप्ता के ठिकानों पर CID की छापेमारी, खंगाले गए दस्तावेज

CID Raid : जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जेएसएससी कार्यालय में छापेमारी की है. जानकारी के अनुसार सीआईडी की टीम ने सबसे पहले सुबह पांच बजे ही जेएसएससी सचिव सुधीर गुप्ता के मोरहाबादी स्थित हरिहर सिंह रोड वाले आवास पर दबिश दी, जहां घंटों चली तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए. इसके बाद सीआईडी की टीम जेएसएससी कार्यालय पहुंची और वहां भी छापेमारी की.

CID ने सचिव से की पूछताछ, दस्तावेज खंगाले

बताया जा रहा है कि सीआईडी की टीम ने जेएसएससी कार्यालय में सचिव सुधीर गुप्ता को नामकुम थाने बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी है. इस दौरान कार्यालय से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इन दस्तावेजों से परीक्षा में हुई गड़बड़ी से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं.

JSSC CGL के सफल अभ्यर्थियों की होगी जांच

मिली जानकारी के अनुसार सीआईडी अब जेएसएससी सीजीएल परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच करने की तैयारी में जुट गई है. आरोप है कि जांच के दायरे में हर सफल अभ्यर्थी को लाया जाएगा और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. जो भी अभ्यर्थी जांच में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ऐसा बताया जा रहा है. बता दें कि जेएसएससी सीजीएल (जेजीजीएलसीसीई-2023) परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी को लेकर पहले से ही सिट जांच कर रही है, और अब सचिव के आवास व कार्यालय में हुई इस छापेमारी के बाद मामले में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच बढ़ी कार्रवाई

JSSC CGL समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग को लेकर राज्य में अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. ऐसे में CID की कार्रवाई से अभ्यर्थियों के बीच भी हलचल बढ़ गई है. छात्रों की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और कथित गड़बड़ियों के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई शामिल रही है. 

अब जांच एजेंसी की कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि मामला केवल प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा तक सीमित नहीं रहने वाला है. यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी, अभ्यर्थी या कथित बिचौलिये की संलिप्तता के पुख्ता प्रमाण मिलते हैं, तो उसके आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई हो सकती है.

डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल

फिलहाल CID की जांच जारी है और आयोग से जुटाए जा रहे दस्तावेजों तथा डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल महत्वपूर्ण मानी जा रही है. जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले निष्कर्ष ही यह तय करेंगे कि JSSC CGL परीक्षा में वास्तव में किस स्तर पर अनियमितता हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है. यानी फिलहाल कागज बोल रहे हैं और अफसर सुन रहे हैं, अंतिम फैसला सबूतों को ही करना है.

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