छठा चरण: 58 सीट : मेनका गांधी, धर्मेंद्र यादव, राज बब्बर, दिनेश लाल निरहुआ और कन्हैया की क़िस्मत दांव पर

Lok Sabha Chunav 6th Phase Seats Candidates : लोकसभा चुनाव के छठे चरण में 58 सीटों पर 25 मई को मतदान है। उत्तर प्रदेश की 14 लोकसभा सीटों पर वोटिंग है, जिनपर कुल 162 उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं। जानिए इस चरण के चुनाव से जुड़ी कुछ अहम बातें...

May 24, 2024 - 05:13
छठा चरण: 58 सीट : मेनका गांधी, धर्मेंद्र यादव, राज बब्बर, दिनेश लाल निरहुआ और कन्हैया की क़िस्मत दांव पर

लोकसभा चुनाव के पांच चरण के मतदान की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। वहीं छठे चरण के चुनाव का प्रचार गुरुवार शाम (23 मई) समाप्त हो गया। छठे दौर में आठ राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की 58 सीटों के लिए 25 मई को वोटिंग होनी है। इन प्रदेशों से कुल 889 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। छठे चरण के लिए एक संसदीय क्षेत्र में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की औसत संख्या 15 है। जिन उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है उनमें मेनका गांधी, मनोहर लाल खट्टर, महबूबा मुफ्ती, राज बब्बर, दिनेश लाल निरहुआ, धमेंद्र यादव, मनोज तिवारी समेत कई हाई-प्रोफाइल चेहरे शामिल हैं। इनके साथ ही धर्मेंद्र प्रधान, राव इंद्रजीत सिंह, कृष्णपाल गुर्जर जैसे मंत्रियों की किस्मत भी शनिवार को ईवीएम में कैद हो जाएगी। 

दिग्गजों के भाग्य का फ़ैसला

मेनका गांधी: उत्तर प्रदेश की सुल्तानपुर लोकसभा सीट इस चुनाव में एक चर्चित सीट बनी हुई है। यहां से भाजपा की तरफ से पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी चुनाव मैदान में हैं। हालांकि, शुरुआत में संशय बना हुआ था कि सुल्तानपुर से भाजपा मेनका को ही मौका देगी या किसी अन्य चेहरे को। दरअसल, पीलीभीत में मेनका के बेटे वरुण गांधी का टिकट काट दिया गया था। इस चुनाव में भाजपा नेता के सामने सपा ने पूर्व विधायक रामभुआल निषाद को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं बसपा ने जिला पंचायत सदस्य उदयराज वर्मा को प्रत्याशी बनाया है। 2019 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा से मेनका गांधी जीती थीं। उस चुनाव में यहां 56.37% मतदान दर्ज किया गया था। 

निरहुआ बनाम धर्मेंद्र यादव: देश की हॉट सीटों में शामिल आजमगढ़ में भी छठे चरण में मतदान है। यहां मुलायम सिंह यादव के भतीजे और पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव सपा के टिकट पर मैदान में हैं। वहीं, भाजपा ने भोजपुरी कलाकार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ पर भरोसा जताया है जो आजमगढ़ के मौजूदा सांसद भी हैं। बसपा ने मशहूद अहमद को मैदान में उतारकर मुकाबले को रोमांचक बनाने की कोशिश की है। सपा हर हाल में इस सीट पर काबिज होना चाहती है, तो भाजपा 2022 के उपचुनाव में मिली जीत को बरकरार रखने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। नाक की लड़ाई बन चुकी इस सीट पर दो बड़े चेहरों की भिड़ंत है। 2019 के चुनाव में आजमगढ़ सीट पर सपा के अखिलेश यादव जीते थे लेकिन 2022 में विधानसभा चुनाव में जीत के बाद उन्होंने सांसदी से इस्तीफा दे दिया था। 2019 में आजमगढ़ में 57.56% मतदान दर्ज किया गया था। 

मनोज बनाम कन्हैया: इस लोकसभा चुनाव में कई ऐसी सीटें हैं जहां सबकी नजरें हैं। ऐसी ही एक सीट है राजधानी दिल्ली की उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट। वर्तमान में यहां से भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी सांसद हैं। इस बार भी भाजपा ने मनोज तिवारी को उत्तर पूर्वी दिल्ली से अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने उनके सामने जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को मैदान में उतारा है। पूर्वांचल और बिहार से आने वाले दो चर्चित चेहरों के यहां से उतरने के कारण मुकाबला दिलचस्प हो गया है। 2019 में भाजपा ने एक बार फिर दिल्ली की सभी सात सीटों पर जीत हासिल की। इनमें उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट की जीत भी शामिल रही। इस चुनाव में मुकाबला था भोजपुरी कलाकार मनोज तिवारी और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बीच। नतीजे सामने आए तो उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट पर मनोज ने कांग्रेस की शीला दीक्षित को हरा दिया। 2019 में यहां 63.86% लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। 

मनोहर लाल: इस चुनाव में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी किस्मत आजमा रहे हैं। हरियाणा की करनाल सीट से भाजपा ने मनोहर लाल खट्टर को उतारा है। मार्च 2024 में नायब सिंह सैनी की ताजपोशी से पहले वह हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। अब विधायकी से इस्तीफा देकर लोकसभा की जंग में उतरे हैं। उनके सामने युवा कांग्रेस प्रदेश के अध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा हैं। इसके अलावा जजपा ने देवेंद्र कादियान को मौका दिया है। बीते चुनाव में करनाल में भाजपा के संजय भाटिया ने जीत दर्ज की थी। 2019 में यहां 68.35% वोटिंग दर्ज की गई थी।

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