स्वामी विवेकानंद के विचारों से सामाजिक सद्भाव का संदेश, सद्भावना दिवस पर जगजीवन महाविद्यालय में एकदिवसीय संगोष्ठी, युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर हुई चर्चा
गयाजी। जगजीवन महाविद्यालय, गया जी के डॉ. फागुनी राम सभागार में गुरुवार को सद्भावना दिवस के अवसर पर एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में मगध विश्वविद्यालय, बोधगया द्वारा जारी कार्यक्रम के तहत आयोजित संगोष्ठी का विषय “स्वामी विवेकानंद का विचार और सामाजिक सद्भावना” रखा गया।
कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुई। एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अनुरानी ने स्वागत भाषण देते हुए एनएसएस के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की के लिए सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को मजबूत बनाए रखना जरूरी है। स्वामी विवेकानंद के विचारों को समझना और उन्हें जीवन में अपनाना सामाजिक सद्भावना के लिए बेहद आवश्यक है।
मुख्य वक्ता के रूप में विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी की गया जी शाखा की पदाधिकारी कुमारी सुमित्रा ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने केंद्र के सामाजिक कार्यों और सद्भावना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. मनीष कुमार सिंह ने सामाजिक जीवन में सद्भावना के महत्व को रेखांकित किया। धन्यवाद ज्ञापन जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष श्री रवि रंजन ने किया। उन्होंने सामाजिक सद्भावना के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए पर्यावरण जागरूकता को सामाजिक उन्नति और मानवता से जोड़कर इसे आवश्यक बताया।
संगोष्ठी में राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष-सह-वित्तेदक्षक डॉ. पंकज कुमार, भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. अंकना, डॉ. शिव कुमार रविदास, डॉ. राजीव कुमार चौधरी सहित शिक्षक, कर्मचारी, स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, गया जी शाखा के प्रोफेसर शिवशंकर गुप्ता, विभाग सह-संचालक श्रीमती मंजू गुप्ता, नगर प्रमुख राजेश कुमार जी शाह, फ्लेक्सिप कोऑर्डिनेटर संजीव कुमार लोहानी समेत अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।