हजारीबाग सदर अस्पताल में इंजेक्शन के बाद महिला की मौत, परिजनों ने उठाए सवाल; झंडा चौक पर प्रदर्शन
हजारीबाग: हजारीबाग सदर अस्पताल में 36 वर्षीय मालती देवी की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। परिजनों के अनुसार, मालती देवी को उल्टी और चक्कर की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था। डॉक्टर को दिखाने के बाद उन्हें इंजेक्शन दिया गया। करीब 20 मिनट बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
हजारीबाग:- हजारीबाग सदर अस्पताल में 36 वर्षीय मालती देवी की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। परिजनों के अनुसार, मालती देवी को उल्टी और चक्कर की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था। डॉक्टर को दिखाने के बाद उन्हें इंजेक्शन दिया गया। करीब 20 मिनट बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने आरोप लगाया कि हालत बिगड़ने के बावजूद समय पर उचित इलाज और निगरानी नहीं मिली। अस्पताल कर्मियों के व्यवहार को लेकर भी परिवार ने सवाल उठाए हैं। हालांकि, इंजेक्शन और महिला की मौत के बीच सीधा कारणात्मक संबंध की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
परिजनों ने अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड में दर्ज मौत की तारीख और समय को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि मौत दोपहर करीब 1 बजे हुई, जबकि दस्तावेजों में शाम करीब 6 बजे का समय दर्ज है। रिकॉर्ड में तारीख को लेकर भी अंतर होने का आरोप लगाया गया है। इन दावों की वास्तविकता आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
घटना से नाराज परिजन और स्थानीय लोग न्याय की मांग को लेकर झंडा चौक पहुंचे, जहां प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
परिजनों के मुताबिक, मालती देवी के पति मजदूरी और कुली का काम करते हैं। महिला की मौत के बाद उनके चार बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है।
परिवार अब अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड, इलाज की प्रक्रिया और मौत के वास्तविक कारण की जांच की मांग कर रहा है। मौत की वास्तविक वजह मेडिकल जांच और आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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