दिग्गज न्यूज चैनलों और अखबारों को राज्य और केन्द्रशासित प्रदेशों में अंतर नहीं पता, पुद्दुचेरी को बताया राज्य
चुनाव आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश (पुद्दुचेरी) में होनेवाले चुनावों की घोषणा की है। लेकिन भारत के महान मीडिया हाउसों ने एक केंद्रशासित प्रदेश को भी राज्य का दर्जा देते हुए ब्रेकिंग चला दिया।
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों की तारीख़ों की घोषणा कर दी है। इसके अलावा अलग-अलग राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल और 23 अप्रैल को उपचुनाव होंगे।
जैसे ही चुनाव आयोग की घोषणा हुई भारतीय मीडिया खासकर टीवी चैनलों में यह ख़बर तेज़ी से फ़ैल गई। सभी टीवी चैनलों में इस खबर को सबसे पहले आप तक पहुँचाने की होड़ लग गई।
हालांकि आप सबको भी यह ख़बर मिल ही गई होगी, लेकिन जो बात हम आपको बताना चाहते हैं वो है क्या, जरा गौर से पढ़िए…..
चुनाव आयोग के अनुसार चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसे लेकर संबंधित राज्यों में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है।
चुनाव आयोग ने ऊपर बताए गए इन्हीं चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश (पुद्दुचेरी) में होनेवाले चुनावों की घोषणा की है। लेकिन भारत के महान मीडिया हाउसों ने एक केंद्रशासित प्रदेश को भी राज्य का दर्जा देते हुए ब्रेकिंग चला दिया। ख़ुद को ज्ञानी और सबसे तेज बताने वाले इन महानुभावों को राज्य और केन्द्रशासित प्रदेश में कोई अंतर नहीं दिखा। देखा जाए तो इन सभी टीवी चैनलों पर भारत की जनता भरोसा करती है और उम्मीद करती है की इन टीवी चैनलों पर दिखाई जानेवाली खबर सही और सत्य होती है।
इस खबर को सबसे पहले अपने चैनलों पर दिखाने की जल्दबाजी में देश के तमाम बड़े बड़े टीवी चैनलों ने इसे इस प्रकार प्रसारित किया :
एबीपी न्यूज : 5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का एलान
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भारत 24 : 5 राज्यों का विधानसभा चुनाव का पूरा शेड्यूल
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न्यूज 24 : 5 राज्यों में चुनाव कराइए…घुसपैठिए कितने मिले ये तो बताइए
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NDTV : असम केरल सहित 5 राज्यों में 4 मई को मतगणना
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आज तक : पाँच राज्यों में चुनावी शंखनाद
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NEWS 18 इंडिया : 5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का एलान
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सिर्फ़ टीवी चैनल ही नहीं ख़ुद को समाज का चौथा स्तंभ के रूप में दंभ भरनेवाले देश के तमाम बड़े अख़बारों ने भी केन्द्रशासित प्रदेश को राज्य बताने में देर नहीं की।


जानिए उन पाँच जगहों को जहाँ चुनाव होना है :
पश्चिम बंगाल : भारत के पूर्वी भाग में स्थित, चौथा सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है।
असम : भारत के उत्तर-पूर्वी में स्थित एक सीमांत राज्य है।
तमिलनाडु : भारत के दक्षिण में सबसे अन्तिम राज्य, जो क्षेत्रफल के हिसाब से दसवां और जनसंख्या के हिसाब से छठा सबसे बड़ा भारतीय राज्य है।
केरल : भारत के दक्षिणी-पश्चिमी तट पर स्थित एक छोटा राज्य है।
पुद्दुचेरी : भारत के दक्षिण दिशा में बंगाल की खाड़ी के पास स्थित भारत के उन तीन केंद्र शासित प्रदेशों में से एक है, जहाँ विधानसभा है।
राज्य स्वतंत्र प्रशासनिक इकाइयाँ हैं, जबकि केंद्र शासित प्रदेश सीधे केंद्र सरकार के नियंत्रण में रहने वाले क्षेत्र हैं। वर्तमान में भारत में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं।
राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में प्रमुख अंतर:
- राज्यों में चुनी हुई सरकार (मुख्यमंत्री) होती है। केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासक/उपराज्यपाल का शासन होता है।
- राज्यों में केंद्र और राज्य के बीच शक्तियों का बंटवारा होता है (संघीय ढांचा)। केंद्र शासित प्रदेशों में, केंद्र सरकार सर्वोच्च होती है और अधिकांश नियंत्रण उसी के पास होता है।
- राज्यों में राज्यपाल (राज्यपाल) होता है, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों में उपराज्यपाल (LG) या प्रशासक होता है।
- दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर ऐसे अपवाद केंद्र शासित प्रदेश हैं, जहाँ विधानसभाएँ हैं और उपराज्यपाल के साथ-साथ मुख्यमंत्री भी होते हैं।
- केंद्र शासित प्रदेश छोटे आकार, कम जनसंख्या, या सामरिक महत्व (जैसे अंडमान, लक्षद्वीप) के कारण बनाए जाते हैं।
पुडुचेरी, जो 1 नवंबर 1954 को फ्रांसीसी शासन से मुक्त होकर भारत का हिस्सा बना था, आज भी एक केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) है। 1963 से भारत का अभिन्न अंग होने के बावजूद, इसे पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिला है, हालांकि दिल्ली और जम्मू-कश्मीर की तरह यहां चुनी हुई सरकार (विधानसभा) है।
पुडुचेरी का पहले नाम पांडीचेरी (Pondicherry) था। सितम्बर 2006 में इसका नाम बदलकर आधिकारिक तौर पर पुडुचेरी कर दिया गया, जिसका स्थानीय तमिल भाषा में अर्थ "नया गाँव" है। यह स्थान लगभग 300 वर्षों तक फ्रांसीसी उपनिवेश (French colony) के अंतर्गत रहा, जिसके कारण इसे "पूर्व का फ्रांसीसी रिवेरा" भी कहा जाता था।
वर्तमान में पुडुचेरी में भाजपा और एआईएनआरसी (AINRC) गठबंधन की सरकार है।
पुडुचेरी के पूर्ण राज्य का दर्जा न मिलने के मुख्य कारण :
- पुडुचेरी पर सीधे संघीय (केंद्र) सरकार का शासन चलता है, जिसमें उपराज्यपाल (Lieutenant Governor) की भूमिका महत्वपूर्ण होती है ।
- पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने पर वित्तीय स्वायत्तता (financial autonomy) बढ़ेगी, लेकिन बजट की कमी और केंद्रीय सहायता पर निर्भरता एक बड़ी चुनौती है।
- पुडुचेरी के विभिन्न क्षेत्र (पुडुचेरी, कराईकल, माहे, यनम) अलग-अलग राज्यों (तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश) से घिरे हैं, भौगोलिक और प्रशासनिक चुनौतियां एकीकरण को जटिल बनाता है।
हालांकि पुडुचेरी के लोग और सरकारें लंबे समय से पूर्ण राज्य का दर्जा पाने की मांग करते रहे हैं, लेकिन अभी तक इसे आंशिक राज्य का दर्जा (partial statehood) ही प्राप्त है।
ज्ञात है कि तमाम प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करनेवाले विद्यार्थी अखबारों एवं मीडिया खबरों का मार्गदर्शन लेते रहे हैं। लेकिन यदि यही रवैया रहा तो ये विद्यार्थी जल्द ही अखबारों पर भी भरोसा करना छोड़ देंगे।
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