हजारीबाग चैंबर ने बाधित विधुत आपूर्ति बहाल करने हेतु  मुख्यमंत्री को लिखा 'त्राहिमाम पत्र'

बाधित बिजली आपूर्ति के कारण उद्यमियों की कमर ही टूट गई है। वहीं दूसरी ओर  बेतहाशा गर्मी के कारण बिना बिजली के लोगों का जीना दूभर हो गया है।

May 21, 2026 - 22:06
हजारीबाग चैंबर ने बाधित विधुत आपूर्ति बहाल करने हेतु  मुख्यमंत्री को लिखा 'त्राहिमाम पत्र'

हजारीबाग चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने हजारीबाग में 24 घंटे बाधित विद्युत आपूर्ति के लिए एक 'त्राहिमाम पत्र' प्रांत के  मुख्यमंत्री को प्रेषित किया है। हजारीबाग चेंबर के अध्यक्ष राजकुमार जैन टोंग्या, संस्थापक अध्यक्ष राजेंद्र लाल एवं सचिव विजय केसरी ने त्राहिमाम पत्र के माध्यम से मांग किया है कि बाधित विद्युत आपूर्ति के कारण जिले भर के सभी छोटे बड़े उद्योगों के उत्पादन बंद पड़े हैं। जिले भर में पहले से ही लघु उद्योगों के हालत खस्ता हैं।  ऊपर से बाधित बिजली आपूर्ति के कारण उद्यमियों की कमर ही टूट गई है। वहीं दूसरी ओर  बेतहाशा गर्मी के कारण बिना बिजली के लोगों का जीना दूभर हो गया है।  इस विषम परिस्थिति में  बीजली की  नितांत आवश्यकता होती है। जबकि हजारीबाग बिजली विभाग यह दावा कर रही है कि हजारीबाग नगर में प्रतिदिन 18 से 20 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। यह बात पूरी तरह गलत है ।  जबकि सच्चाई यह है कि दिन भर में 5 - 6 घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है। जिस कारण हजारीबाग के सभी छोटे-बड़े व्यवसायियों को कारोबार करना बेहद दूभर हो गया है। ग्राहक गण भी  दुकान में  बाधित विद्युत आपूर्ति की मार झेलने को मजबूर  हैं। बाधित विद्युत आपूर्ति की शिकायत से संबंधित कई व्यावसायिक संगठनों सहित सामाजिक संगठनों ने भी हजारीबाग के वरीय विधुत पदाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया जाता रह रहा है, लेकर परिणाम शून्य ही निकलता रह रहा है। यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। 
  ध्यातव्य है कि वर्तमान राज्य सरकार विधान सभा चुनाव में यह घोषणा की थी कि राज्यवासियों को चौबीसों घंटे विद्युत आपूर्ति की जाएगी।  सरकार गठन के बाद एक  दिन भी चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति नहीं की गई। जबकि झारखंड के अन्य जिलों की तुलना में हजारीबाग जिले के उपभोक्ताओं का बिजली भुगतान काफी सुदृढ़ है। बाधित विद्युत आपूर्ति के कारण नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सभी छोटे - बड़े व्यवसायियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। छोटे से छोटे दुकानों के लिए भी निर्बाध बिजली आपूर्ति की जरूरत होती हैं। चूंकि माप तौल के सभी उपकरण बिजली से ही संचालित होते हैं।
  व्यवसायियों को  संध्या के समय  बिजली की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। उसी समय लंबे समय तक बिजली नहीं रह पाती है। ऐसी परिस्थिति में व्यवसायियों सहित ग्राहकों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।
  बाधित विद्युत आपूर्ति को दुरुस्त करने के लिए   हजारीबाग के  माननीय सांसद मनीष जायसवाल और सदर  विधायक ने भी  इस समस्या के निदान हेतु  हजारीबाग के विद्युत पदाधिकारियों से मिलकर  शिकायत भी दर्ज की।  हजारीबाग जिले के विद्युत पदाधिकारियों ने दोनों नेताओं के समक्ष 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने का आश्वासन भी दिया। सिर्फ एक-दो दिन ही बिजली ढंग से आपूर्ति हो पाई ।  शेष दिनों का हाल  बद से बदतर होता चला जा रहा है। हजारीबाग के विद्युत पदाधिकारियों ने इस दिशा में कोई आवश्यक पहल करना भी जरूरी नहीं समझा। अब सवाल यह उठता है कि आखिर  हजारीबाग के विद्युत उपभोक्ता  किनसे  शिकायत करें  ? अर्थात हजारीबाग के वासी अंधेरे में रहने के लिए विवश है।
 सर्वविदित है कि बाधित विधुत आपूर्ति के  कारण छात्रों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे छात्रों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है । हो रही है। विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाएं भी चल रही है।  पिछले दिनों हजारीबाग के विभिन्न अंचलों से यह भी खबर अखबारों में प्रकाशित हुई है कि प्राथमिक उपचार केन्द्रों में टॉर्च की लाइट में मरीजों का इलाज किया जा रहा है। 
  हजारीबाग नगर के कई ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं,जो सालों से मरम्मत नहीं हो पाए हैं। जिस कारण कई ट्रांसफमरों का काम एक ट्रांसफरमर से लिया जा रहा है। फलस्वरूप लोडसेडिंग का खतरा हमेशा बना रहता है। लोडसेडिंग रहने के कारण शॉर्ट सर्किट होने की कई घटनाएं घट रही हैं।
   चेंबर के अध्यक्ष राजकुमार जैन टोंग्या, संस्थापक अध्यक्ष राजेंद्र लाल एवं सचिव विजय केसरी ने  मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि हजारीबाग जिले को चौबीस घंटे विद्युत आपूर्ति की जाए। अन्यथा हजारीबाग चेंबर के तत्वधान में अहिंसक आंदोलन के तहत बंद एवं धरना दिया जाएगा।    

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