बिजली कटौती और लो-वोल्टेज पर भड़के रघुवर दास, CM हेमंत से की त्वरित कार्रवाई की मांग

बिजली की समस्या को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर बिजली को स्थिति को सुचारु करने की बात कही है.

May 22, 2026 - 18:07
बिजली कटौती और लो-वोल्टेज पर भड़के रघुवर दास, CM हेमंत से की त्वरित कार्रवाई की मांग

RANCHI : झारखंड में इन दिनों प्रचंड गर्मी के साथ बिजली की आंखमिचौली भी आम हो गई है. एक तरफ जहां लोग एसी और कूलर से राहत पाने का प्रयास कर रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ बिजली की आंखमिचौली से उनका सारा प्रयास विफल हो रहा. गर्मी की छुट्टियों के कारण बच्चे घर पर हैं और बिजली न होने के कारण बुजुर्गों, बच्चों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. बिजली की समस्या को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर बिजली को स्थिति को सुचारु करने की बात कही है.

बिजली की दयनीय स्थिति से लोग परेशान

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बताया कि झारखंड में लगातार खराब बिजली व्यवस्था, अनियमित विद्युत आपूर्ति, लो-वोल्टेज, बार-बार ट्रांसफॉर्मर खराब होने तथा उपभोक्ता सेवाओं में भारी गिरावट को लेकर राज्य की जनता अत्यंत परेशान है. एक ओर राज्य प्रचंड गर्मी की चपेट में है, दूसरी ओर बिजली की दयनीय स्थिति लोगों की परेशानी और बढ़ा रही है. ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि घंटों बिजली कटौती के कारण आम जनजीवन, शिक्षा, कृषि, व्यापार तथा उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं.

'अब स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक'

पत्र के माध्यम से रघुवर दास ने बताया कि वर्ष 2014 से 2019 के दौरान हमारी सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार एवं आधारभूत संरचना निर्माण का व्यापक कार्य किया था. उस समय झारखंड को “पावर हब” बनाने का लक्ष्य लेकर अनेक दूरगामी परियोजनाएं शुरू की गई थी. रघुवर दास ने हेमंत सोरेन को पत्र में बताया कि उनके कार्यकाल में 68 लाख परिवारों तक बिजली पहुंचाई गयी. 4027 किमी. नये ट्रांसमिशन लाइन बिछाने का काम पूरा किया गया. 1,41,976 किमी लंबी विद्युत वितरण लाइन बिछाई गयी. 132 केवी एवं 220 केवी नेटवर्क का विस्तार किया गया. नए ग्रिड सब-स्टेशन (GSS) एवं पावर सब-स्टेशन का निर्माण एवं आधुनिकीकरण किया गया,जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति मजबूत हुई, शहरी क्षेत्रों में R-APDRP योजना के माध्यम से अंडरग्राउंड केबलिंग, नए ट्रांसफॉर्मर एवं वितरण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया गया.

बिजली की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 600 से अधिक लाइनमैन की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गई है. Patratu Thermal Power Station (PTPS) के पुनरुद्धार के लिए NTPC के साथ संयुक्त उद्यम (Joint Venture) के तहत लगभग 4,000 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए Patratu Vidyut Utpadan Nigam Limited (PVUNL) का गठन किया गया.

'झारखंड को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत'

उन्होंने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना नहीं था, बल्कि झारखंड को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना, उद्योगों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराना तथा बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना भी था. हमारी सरकार के जाने के बाद अनदेखी के कारण समय पर काम पूरा नहीं हुआ. इस साल मार्च में यहां 800 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हुआ. जल्द ही दूसरी यूनिट से भी उत्पादन शुरू होने वाला है. इसके अलावा एनटीपीसी नार्थ कर्णपुरा से उत्पादन के लिए पुनरुद्धार किया गया, जिससे बिजली उत्पादन 2023 में शुरू हुआ. आज हम बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में हैं, बावजूद राज्य में बिजली की लचर व्यवस्था का होना दुखद है.

'गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग'

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुख्यमंत्री से निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, खराब ट्रांसफॉर्मरों को शीघ्र बदलने हेतु विशेष अभियान चलाने, लो-वोल्टेज एवं बार-बार कटौती की समस्या दूर करने, ट्रांसमिशन एवं वितरण नेटवर्क के रखरखाव को प्राथमिकता देने, उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली को प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने की मांग की।

'सरकार से बेहतर बुनियादी सुविधाओं की अपेक्षा'

अंत मे उन्होंने लिखा कि झारखंड की जनता सरकार से बेहतर बुनियादी सुविधाओं की अपेक्षा रखती है. ऊर्जा क्षेत्र किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति की रीढ़ होती है, इसलिए इस दिशा में गंभीर एवं त्वरित कदम उठाना समय की आवश्यकता है.

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