सोशल मीडिया पर उठी आवाज का असर, CM हेमंत सोरेन के निर्देश पर अनाथ बच्चों की मदद को आगे आया पलामू प्रशासन
उपायुक्त ने बच्चों के रहने, खाने और पढ़ाई की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों से आत्मीयता से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया और अधिकारियों को तत्काल सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
PALAMU : झारखंड के पलामू जिले से संवेदनशील प्रशासनिक कार्रवाई की एक मिसाल सामने आई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद शनिवार को पलामू के उपायुक्त प्रशासनिक टीम के साथ हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के एकौनी गांव पहुंचे और माता-पिता को खो चुके तीन अनाथ बच्चों से मुलाकात की।
उपायुक्त ने बच्चों के रहने, खाने और पढ़ाई की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों से आत्मीयता से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया और अधिकारियों को तत्काल सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
सोशल मीडिया पर उठी आवाज का असर
दरअसल, लौटनियां पंचायत के सामाजिक कार्यकर्ता सतीश कुमार शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री को इन बच्चों की स्थिति से अवगत कराया था। माता-पिता की असमय मौत के बाद तीनों बच्चे अपने वृद्ध दादा-दादी के सहारे जीवन बिता रहे थे और उनके सामने भोजन व शिक्षा का गंभीर संकट खड़ा हो गया था।
अनाथ बच्चों की मदद को आगे आया पलामू प्रशासन
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने पलामू प्रशासन को तत्काल जांच कर बच्चों की शिक्षा और सरकारी सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और उपायुक्त खुद गांव पहुंच गए।
निरीक्षण के दौरान बच्चों के बुजुर्ग अभिभावकों ने बताया कि माता-पिता के निधन के बावजूद अब तक उनका मृत्यु प्रमाण-पत्र नहीं बन पाया है, जिसकी वजह से कई सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इस पर उपायुक्त ने हुसैनाबाद के बीडीओ सुनील वर्मा को तत्काल मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया।
प्रशासन ने परिवार को भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी हर संभव सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की ग्रामीणों ने सराहना की है। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इसे मानवीय संवेदनशीलता का बड़ा उदाहरण बताया।
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