बिहार-झारखंड में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई वट सावित्री पूजा, सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र के लिए रखा व्रत
NEWS DESK : बिहार और झारखंड में शनिवार को वट सावित्री पूजा श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाई गई। सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए निर्जला व्रत रखा और वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की। सुबह से ही मंदिरों और वट वृक्षों के पास महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई वट सावित्री पूजा
महिलाएं पारंपरिक परिधान और सोलह श्रृंगार में पूजा स्थलों पर पहुंचीं। पूजा के दौरान वट वृक्ष के चारों ओर धागा बांधकर परिक्रमा की गई और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी गई। धार्मिक मान्यता है कि माता सावित्री ने अपने तप, समर्पण और दृढ़ संकल्प से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस ले आए थे। इसी वजह से यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र के लिए रखा व्रत
पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, रांची, धनबाद, जमशेदपुर और बोकारो समेत कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में पूजा को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। मंदिरों और पूजा स्थलों पर सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई जगहों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा की और परिवार की सुख-शांति की कामना की। पूजा के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर शुभकामनाएं भी दीं।
धार्मिक विद्वानों के अनुसार वट सावित्री व्रत भारतीय संस्कृति में दांपत्य जीवन, समर्पण और अटूट विश्वास का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि हर वर्ष ज्येष्ठ अमावस्या के अवसर पर यह पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
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