Chaitra chhath : चैती छठ का दूसरा दिन आज, खरना का महाप्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू करेंगे व्रती

खरना की पूजा में दूध और गुड़ से बनी खीर, रोटी, मौसमी फल का प्रसाद बनेगा, जिसे ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाएगा। खरना का पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 1 मिनट से शाम 7 बजकर 29 मिनट तक है।   

Mar 23, 2026 - 12:40
Mar 23, 2026 - 12:42
Chaitra chhath : चैती छठ का दूसरा दिन आज, खरना का महाप्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू करेंगे व्रती

Chaitra chhath : चैती छठ का आज दूसरा दिन है। दूसरे दिन खरना की पूजा होती है। आज के दिन कृत्तिका नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत संयोग बन रहा है। आज छठव्रती पूरे दिन निराहाकर रहकर संध्या में खरना का पूजा कर प्रसाद ग्रहण करेंगे। 
 
चैती छठ का दूसरा दिन आज

खरना की पूजा में दूध और गुड़ से बनी खीर, रोटी, मौसमी फल का प्रसाद बनेगा, जिसे ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाएगा। खरना का पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 1 मिनट से शाम 7 बजकर 29 मिनट तक है।   

खरना पूजा और अर्घ्य मुहूर्त

खरना का पूजा : संध्या 06:01 बजे 07:29 बजे तक
अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य : शाम 06:02 बजे तक
प्रातः कालीन सूर्य को अर्घ्य : प्रातः 05:57 बजे के बाद

गौरतलब है कि लोक आस्था का महापर्व छठ सूर्य देवता और छठी मईया को समर्पित है। चैती छठ पर्व विशेष रूप से भारत के बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है। इसी के साथ छठ पर्व नेपाल में भी मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रद्धा और आस्था के साथ छठ पर्व करने से कामना पूर्ति होती है और सुख-समृद्धि, संतान सुख और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।

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