एकला चलो रे की राह पर झाविमो .

Nov 19, 2019 - 06:25
एकला चलो रे की राह पर झाविमो .

झारखंड विधानसभा चुनाव में झारखंड विकास मोर्चा ने एकला चलो रे की राह को अपनाते हुए अकेले अपने ही बलबूते चुनावी वैतरणी पार करने का निर्णय लिया है। झाविमो एनडीए और यूपीए की लड़ाई के बीच से अलग कोण बनाने की दिशा में प्रयासरत है। पार्टी सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी को एनडीए और यूपीए के बागियों को अपने दल में शामिल कर प्रत्याशी बना सकते हैं। वे यूपीए और एनडीए में सेंधमारी कर सकते हैं। चुनाव में भाजपा से पत्ता साफ होने वाले नेताओं और यूपीए के बागी नेताओं को श्री मरांडी अपने दल की ओर से प्रत्याशी बना सकते हैं। चुनाव में यूपीए की ओर से हेमंत सोरेन चेहरा होंगे। कांग्रेस और झामुमो साझा मुहिम चलाने पर सहमत हो गया है। झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं। चुनावी जंग में कूदने की तैयारी शुरू कर दी गई है। पांच और छह नवंबर को झाविमो जिला स्तर कमेटी की बैठक बुलाई गई है। जिसमें सभी 24 जिलों की अंतिम रूप से समीक्षा होगी। कौन उम्मीदवार कहां से लड़ेगा, यह तय किया जाएगा। उन्होंने इस बात का भी स्पष्ट संकेत दिया कि पार्टी के कार्यकर्ता की भावना का ध्यान रखते हुए जहां से कार्यकर्ता चाहेंगे, वहीं से वे स्वयं चुनाव लड़ेंगे। उनका मानना है कि चुनाव प्रत्याशी नहीं, पार्टी नहीं, बल्कि उसके कार्यकर्ता लड़ते हैं। यूपीए गठबंधन में शामिल होने के बाद श्री मरांडी ने कहा है कि गठबंधन पर सहमति नहीं बन पा रही है। लोकसभा चुनाव के दौरान प्रयास किया था कि गठबंधन बरकरार रहे, लेकिन गठबंधन में शामिल दलों में सीटों को लेकर अपनी-अपनी समस्याएं हैं। दावेदारी अधिक है। ऐसे में गठबंधन संभव होता नहीं दिख रहा था। तत्पश्चात उन्होंने अकेले ही लड़ने का निर्णय लिया है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0