प्रतिभाशाली युवाओं की राह देखती आज की राजनीति

वर्तमान राजनीति को जरूरत है युवा प्रतिभा की। युवाओं का जोश, उनकी प्रतिभा और लगन, किसी भी देश की मजबूत नींव होते हैं। आज के युवा ही देश का आने वाला भविष्य गढ़ते हैं। कुणाल का अर्थ होता है "कुछ भी" अपने नाम के अर्थ को सार्थक करते हुए कुणाल ने अपने क्षेत्र के विकास के लिए कुछ भी करने की ठान ली है।प्रतिभाशाली युवाओं की राह देखती आज की राजनीति को जरूरत है ऐसे ही युवाओं की।

Nov 25, 2019 - 07:38
प्रतिभाशाली युवाओं की राह देखती आज की राजनीति

वर्तमान राजनीति को जरूरत है युवा प्रतिभा की। युवाओं का जोश, उनकी प्रतिभा और लगन, किसी भी देश की मजबूत नींव होते हैं। आज के युवा ही देश का आने वाला भविष्य गढ़ते हैं।

आज हम एक ऐसे ही युवा की चर्चा कर रहे हैं जिसने समाज के युवाओं में अपने प्रतिभा, लगन और समर्पण से उज्जवल भविष्य की उम्मीद जगाई है। समाज में नई रोशनी की किरण दिखाई है। प्रतिभाशाली युवा कुणाल कुमार यादव इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बावजूद भी बड़ी-बड़ी नौकरियों को ठुकरा कर अपने समाज के लिए सर्वस्व समर्पित कर चुके हैं।


युवा कुणाल

पटना जिले के बख्तियारपुर प्रखंड के एक साधारण से परिवार में जन्मे कुणाल की शिक्षा दीक्षा साधारण परिवेश में ही हुआ। उच्चतर शिक्षा के लिए कुणाल को बिहार से बाहर जाना पड़ा। जहां से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही कुणाल ने पाया कि गंदी राजनीति की जड़ राजनीतिक पटल से होते हुए शिक्षण संस्थानों को भी अपने आगोश में जकड़ लिया है।

बकौल कुणाल – राजनीति में अच्छे, सच्चे और ईमानदार लोगों की जरूरत है। पढ़ाई में अव्वल होने के बावजूद भी कुणाल का मन हमेशा से राजनीतिक हलचल की ओर खिंचा चला आता। पढ़ाई पूरी होने के बाद कुणाल ने कुछ दिन नौकरी की लेकिन सामाजिक खिंचाव की वजह से वहां भी उसका मन नहीं लगा। आखिरकार नौकरी छोड़कर अपने घर को वापस आने की ठानी और उस दिन से कुणाल हर जाति धर्म के लोगों के साथ सुख दुख का भागी बन गया। वापस आकर एक टीम का गठन किया। इसे ” टीम कुणाल “ नाम दिया गया। क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति या परिवार की समस्याओं को दूर करना और हर मुसीबत में साथ खड़े रहना टीम कुणाल का मुख्य मकसद बन गया।

कुणाल का कहना है कि समाज की सेवा करने और राजनीती से गंदगी को दूर भगाने के लिए राजनीती को जीना पड़ेगा।इसलिए अपना राजनीतिक वजूद बनाने के लिए कुणाल ने बिहार का प्रमुख राजनीतिक दल “राष्ट्रीय जनता दल” की सदस्यता ग्रहण की। उनका मानना है राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू प्रसाद यादव हमेशा गरीबों और पिछड़ों की समस्याओं के लिए खड़े रहे हैं। बिहार में लालू प्रसाद यादव जैसा राजनीति के अनुभवी और प्रतिभाशाली नेता कोई दूसरा नहीं है।

अपने सामाजिक सहभागिता से कुणाल ने सबका दिल जीत लिया है।

अब तो आलम यह हो गया है कि क्षेत्र के लोग प्यार से कुणाल को नेताजी कह कर पुकारने लगे हैं। आपको बताते चलें कि कुणाल का अर्थ होता है “कुछ भी” अपने नाम के अर्थ को सार्थक करते हुए कुणाल ने अपने क्षेत्र के विकास के लिए कुछ भी करने की ठान ली है।प्रतिभाशाली युवाओं की राह देखती आज की राजनीति को जरूरत है ऐसे ही युवाओं की।

इस प्रतिभाशाली युवा और ” टीम कुणाल “ को देशपत्र की ओर से शुभकामनाएँ।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0