'साल 2028 के अंततक मां जानकी मंदिर का काम होगा पूरा', पुनौराधाम में बोले CM सम्राट, 6 माह पहले मंदिर का काम पूरा करने का दिया निर्देश
करीब 50 एकड़ में 882 करोड़ रुपए की लागत से मां जानकी के भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा। मंदिर का निर्माण खास किस्म के सैंडस्टोन (बलुआ पत्थर) से किया जाएगा, जो राजस्थान से मंगवाए जा रहे हैं।
SITAMARHI : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को सीतामढ़ी के पुनौराधाम पहुंचे हैं। CM ने जानकी मंदिर में पूजा की। इसके बाद वे सीताकुंड पहुंचे। यहां उन्होंने जल चढ़ाया और आरती की।
मुख्यमंत्री ने जानकी नवमी पर सीतामढ़ी महोत्सव की शुरुआत की। लोगों को संबोधित करते हुए CM ने कहा कि 'आज मेरे लिए गौरव का विषय है कि मां सीता के आशीर्वाद से बिहार के मुख्यमंत्री के पद पर बैठकर मां का आशीर्वाद लेने आया हूं। यहां की धरती में मां का जुड़ाव दिखता है।
अमित शाह जी और नीतीश जी जब भूमिपूजन करने आए थे, उस दिन बारिश हुई थी। जितनी देर वो यहां रहे, उतनी देर यहां बारिश होती रही। ये प्रतीक है। मां सीता के जन्म के समय भी हजारों साल पहले यहां अकाल पड़ा था। उसी अकाल में मां का जन्म हुआ। अब भूमिपूजन में बारिश हुई। दोनों का कनेक्शन है।'
6 महीने पहले मंदिर का काम पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों ने समीक्षा की है। इसमें निर्देश दिया गया है। अफसरों ने कहा कि 2029 के जून में मंदिर बनकर तैयार हो पाएगा। हमने कहा 31 दिसबंर 2028 तक मां सीता के मंदिर का काम पूरा करना है।
नीतीश जी ने कहा था कि सीतामढ़ी में सीता पुरम बनाएंगे। मैंने पहली कैबिनेट में ये फैसला लिया। मां जानकी से जुड़े जितने भी स्थान हैं, उन्हें जोड़ा जाएगा। नीतीश कुमार जी ने यहां बड़ा मेडिकल कॉलेज बनाने का संकल्प लिया है। उसका काम भी शुरू हो गया है। उसका नाम भी मां के नाम पर ही रखा जाएगा।
50 एकड़ में पुनौराधाम मंदिर का निर्माण
8 अगस्त 2025 को बिहार चुनाव से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पुनौराधाम मंदिर की पहली ईंट रखी थी। भूमिपूजन के लिए 21 तीर्थों की मिट्टी और 11 नदियों का जल मंगवाया गया था। अयोध्या के हनुमानगढ़ी से ईंट भी लाई गई थी। कार्यक्रम के दौरान PM मोदी की अयोध्या में पूजा की तस्वीरें भी दिखाई गई थीं।
करीब 50 एकड़ में 882 करोड़ रुपए की लागत से मां जानकी के भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा। मंदिर का निर्माण खास किस्म के सैंडस्टोन (बलुआ पत्थर) से किया जाएगा, जो राजस्थान से मंगवाए जा रहे हैं। मंदिर की ऊंचाई 156 फीट होगी, जो अयोध्या के राम मंदिर से लगभग 5 फीट कम है।
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