मिर्जा गालिब कॉलेज के कैरियर काउंसलिंग में बताई गई जीव विज्ञान में भविष्य निर्माण की संभावनाएं

Jun 5, 2022 - 07:58
मिर्जा गालिब कॉलेज के कैरियर काउंसलिंग में बताई गई जीव विज्ञान में भविष्य निर्माण की संभावनाएं

अमरेन्द्र कुमार सिंह
गया । मिर्जा गालिब कॉलेज के सेमिनार हॉल में बायोटेक विभाग की ओर से एक महत्वपूर्ण कैरियर काउंसलिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया. जिसमें कॉलेज के सचिव शबी आरफीन शमसी और प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. सरफराज खान का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन रहा. यह काउंसलिंग विशेषकर उन छात्रों के लिए था जिन्होंने जीव विज्ञान विषय से इंटरमीडिएट की है और अपने भविष्य तथा कैरियर को लेकर उहापोह की स्थिति में हैं . इस काउंसलिंग के माध्यम से छात्र- छात्राओं को बताया गया कि जीव विज्ञान विषय में अवसरों की कमी नहीं है. इस विषय को लेकर एमबीबीएस के अलावा भी कई रास्ते खुलते हैं लेकिन छात्र छात्राओं को समुचित दिशा निर्देश के अभाव में भटकाव और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.इस कैरियर काउंसलिंग में छात्र-छात्राओं की काफी संख्या रही. सर्वप्रथम अपनी बात रखते हुए बॉटनी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. मिनहाज आलम ने बताया कि जीव विज्ञान से इंटरमीडिएट करने के बाद विद्यार्थियों के स्वर्णिम भविष्य हेतु कई रास्ते खुलते हैं. एमबीबीएस को छोड़कर भी इसमें भविष्य की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि एमबीबीएस की पढ़ाई आमतौर पर अधिक खर्चीली होती है जो सबके लिए संभव नहीं है. फिर इसमें प्रतिस्पर्धा भी बहुत कठिन है. इसलिए एमबीबीएस से अलग रास्ते जो इंटरमीडिएट बायोलॉजी के छात्रों के लिए खुलते हैं हमें उस पर भी ध्यान देना चाहिए, जिसमें हमारा शानदार भविष्य छुपा हुआ है.डॉ. मिनहाज आलम ने छात्रों की समस्याओं का समाधान करते हुए बताया कि बीएएमएस एक ऐसा ही लोकप्रिय कोर्स है जिसे बायोलोजी के छात्र कर सकते हैं. किसी तरह का साइड इफेक्ट न होने के कारण आयुर्वेद के डॉक्टरों की डिमांड दिन-ब-दिन बढ़ रही है. इसी तरह का कोर्स बी एम एस और बी एच एम एस भी है, इसकी पढ़ाई देश के प्रायः सभी राज्यों में मौजूद है. आजकल जंतुओं को पालने का ट्रेंड भी काफी बढ़ गया है इस दृष्टि से वेटरनरी डॉक्टर का ऑप्शन भी खुला हुआ है. महाराष्ट्र, गुजरात और चेन्नई में इस के काफी अच्छे कॉलेज हैं.
करियर काउंसलिंग में अपनी बात रखते हुए बायोटेक इंचार्ज डॉ.सुमैया शैख़ ने कॉलेज की उपलब्धियों और सुविधाओं का जिक्र करते हुए बताया कि मिर्जा गालिब कॉलेज में बायोटेक की पढ़ाई 2005 से लगातार हो रही है. मगध डिवीजन का यह पहला कॉलेज है जहां न मात्र बायोटेक की पढ़ाई हो रही है, बल्कि अपनी गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के कारण के छात्रों का काफी संख्या में देश से बाहर तक प्लेसमेंट हुआ है.यहां लैब और इंफ्रास्ट्रक्चर की पूरी सुविधा है और अनुभवी तथा परिश्रमी शिक्षक मौजूद हैं.वहीं अपनी बात रखते हुए कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ. शुजाअत अली खान ने छात्रों को कई महत्वपूर्ण बातें बताई.उन्होंने कहा कि सही गाइडलाइन के अभाव में मेधावी छात्र भी अपनी राह से भटक जाते हैं. और उन्हें अपने परिश्रम का फल नहीं मिल पाता. पढ़ाई के साथ यह जरूरी है कि हम जिस विषय का अध्ययन कर रहे हैं उससे मिलने वाले जॉब के तमाम रास्ते का भी पता हो. मिर्जा गालिब कॉलेज इसीलिए समय-समय पर कैरियर काउंसलिंग करती रही है. बायोलॉजी से आईएससी करने के उपरांत फार्मेसी, बायो केमिस्ट,नर्सिंग, फिजियोथेरेपी और बहुत सारे पारा मेडिकल के रास्ते भी खुलते हैं जिसमें कैरियर की असीम संभावनाएं हैं.पर हम कहीं ना कहीं दिशा निर्देशन के अभाव में गुमराही के शिकार होते हैं.
इस कार्यक्रम का कुशल संचालन बोटनी विभाग की जय श्री सिन्हा ने किया. और धन्यवाद ज्ञापन हन्ज़ला फिरदोस के द्वारा सम्पन्न हुआ.आयोजन में अन्य लोगों के अलावा बायोटेक के साने मेराज सज्जा और श्रीमती सुषमा कुमारी में भी अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज किया।

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