सम्राट कैबिनेट के विस्तार की तैयारी तेज, जानिए कब होगा एक्सपेंशन और कौन-कौन बनेगा मंत्री?, हलचल तेज
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। फिलहाल, एनडीए के विधायकों की नजरें शीर्ष नेतृत्व पर टिकी हैं और संभावित नामों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
PATNA : बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अंदरखाने मंथन अपने अंतिम दौर में बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, मई 2026 के पहले सप्ताह में कैबिनेट विस्तार की संभावना मजबूत है।
बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। फिलहाल, एनडीए के विधायकों की नजरें शीर्ष नेतृत्व पर टिकी हैं और संभावित नामों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
हाल ही में सरकार का फ्लोर टेस्ट और पहली कैबिनेट बैठक पूरी हो चुकी है। अब 29 अप्रैल को प्रस्तावित अहम बैठक के बाद तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है। इसी बैठक के बाद यह संकेत मिल सकता है कि नई कैबिनेट में किन चेहरों को जगह मिलेगी।
नए और पुराने चेहरों का संतुलन संभव
राजनीतिक सूत्रों का मानना है कि इस बार कैबिनेट में अनुभव और युवाओं का मिश्रण देखने को मिल सकता है। जनता दल (यूनाइटेड) और भारतीय जनता पार्टी के कुछ पूर्व मंत्री वापसी की कोशिश में हैं, जबकि कई नए विधायक भी लॉबिंग में सक्रिय हो गये हैं।
JDU कोटे से संभावित नाम
हालांकि जेडीयू में बड़े बदलाव की संभावना कम है लेकिन खाली पड़ी 6-7 सीटों पर नये समीकरण बन सकते हैं। JDU कोटे से संभावित नामों की बात करें तो श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, जमा खां, सुनील कुमार को अहम जिम्मेदारी मिल सकती है।
BJP कोटे से इन नामों की चर्चा
वहीं, बीजेपी कोटे से विजय कुमार सिन्हा, मंगल पाण्डेय, रामकृपाल यादव, दिलीप जायसवाल, श्रेयसी सिंह, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद और संजय सिंह ‘टाइगर’ को अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। बीजेपी के खाते से इस बार सबसे अधिक मंत्रियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
सहयोगी दलों को भी मिल सकता है प्रतिनिधित्व
एनडीए के सहयोगी दलों को भी कैबिनेट में जगह दिए जाने की चर्चा है। संभावित नामों में संतोष कुमार सुमन (हम), संजय पासवान (एलजेपी), संजय कुमार सिंह (एलजेपी), दीपक प्रकाश (आरएलएम) को जिम्मेदारी मिल सकती है। इन दलों को संतुलन साधने के तहत प्रतिनिधित्व मिल सकता है।
कुल मिलाकर, बिहार में कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी सरगर्मी चरम पर है। 29 अप्रैल की बैठक और उसके बाद होने वाली राजनीतिक गतिविधियां तय करेंगी कि सम्राट चौधरी की नई टीम कैसी होगी और किन चेहरों को सत्ता में जगह मिलेगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0











