AI युग का डिजिटल गेट-वे बनेगा जियो : आकाश अंबानी

FY27 में हमारा ध्यान इस बड़े नेटवर्क के ज़रिए ग्राहकों को ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा पहुंचाने पर रहेगा - AI आधारित मर्चेंडाइजिंग, बेहतर प्राइसिंग और मजबूत निष्पादन के जरिए हम ये करने की कोशिश करेंगे।

Apr 25, 2026 - 18:20
Apr 25, 2026 - 18:22
AI युग का डिजिटल गेट-वे बनेगा जियो : आकाश अंबानी

MUMBAI : रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के ताज़ा नतीजों ने साफ संकेत दिया है कि कंपनी अब अपने अगले बड़े ग्रोथ फेज की ओर बढ़ रही है, जहां जियो सिर्फ टेलीकॉम नहीं बल्कि भारत का डिजिटल और AI गेटवे बनने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी प्रबंधन के मुताबिक, जियो अब उस चरण में पहुंच चुका है जहां उसकी मजबूत कनेक्टिविटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य में AI आधारित सेवाओं के विस्तार की नींव तैयार कर रही है।

रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कहा कि “जियो ने भारत को इंटरनेट युग से जोड़ा और अब 52 करोड़ 40 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स के साथ यह ‘इंटेलिजेंस एरा’ का डिजिटल गेटवे बनने की स्थिति में है। जियो की एडवांस कनेक्टिविटी और कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए AI सेवाएं देश के उपभोक्ताओं, घरों और व्यवसायों तक पहुंचेंगी।” 

देश का सबसे बड़ा यूजर बेस और तेजी से बढ़ते 5G नेटवर्क के साथ, जियो का फोकस अब कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर को और गहराई तक ले जाने पर है। जियोफाइबर और जियोएयरफाइबर को केवल ब्रॉडबैंड सेवा नहीं, बल्कि एक ऐसे कनेक्टिविटी टूल के रूप में देखा जा रहा है, जो घरों और छोटे व्यवसायों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाकर डिजिटल और AI सेवाओं के इस्तेमाल को बढ़ाएगा।

मार्च 2026 तक जियो का फिक्स्ड ब्रॉडबैंड यूजर बेस 2 करोड़ 71 लाख तक पहुंच गया है और इसका मार्केट शेयर करीब 43% हो चुका है। जियोएयरफाइबर का सब्सक्राइबर बेस 1 करोड़ 30 लाख है, जो इस विस्तार का बड़ा आधार बनकर उभरा है।
 
डेटा खपत में तेज बढ़ोतरी भी इस बदलाव की अहम कड़ी है। जियो नेटवर्क पर कुल डेटा ट्रैफिक में करीब 35% की सालाना बढ़त दर्ज की गई है, जबकि प्रति व्यक्ति डेटा खपत 42.3 GB प्रति माह तक पहुंच गई है। यह बढ़ता डेटा उपयोग आने वाले समय में AI आधारित सेवाओं के लिए मजबूत फाउंडेशन तैयार करेगा। 

फाइनेंशियल प्रदर्शन भी इस ट्रेंड को सपोर्ट करता है। Q4 FY26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का रेवेन्यू  44,928 करोड़ रुपय रहा, जो 12.7% बढ़ा, जबकि EBITDA 20,060 करोड़ रुपय रहा और मार्जिन 52% से ऊपर पहुंच गया। पूरे साल में भी डिजिटल सर्विसेज कंपनी की ग्रोथ का प्रमुख इंजन बनी रहीं। 

इस तरह जियो का मॉडल मोबाइल कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड विस्तार और बढ़ती डेटा खपत मिलकर एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जो आने वाले वर्षों में AI इकोनॉमी के लिए बुनियादी ढांचा बन सकता है।

वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा कि “वित्त वर्ष FY2025-26 के दौरान हमने वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियों का सामना किया, अंतरराष्ट्रीय तनाव, ऊर्जा क़ीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक व्यापार के बदलते पैटर्न। इनकी वजह से दुनियाभर के कारोबार प्रभावित हुए। इसके बावजूद भारत ने अपनी आर्थिक रफ़्तार बनाए रखी और रिलायंस भी इस दौर में मज़बूती से आगे बढ़ता रहा। हमारे विविध बिज़नेस पोर्टफोलियो और मजबूत घरेलू फ़ोकस ने हमें इस अनिश्चित माहौल में संतुलन बनाए रखने में मदद की।

जियो लगातार भारत के डिजिटल परिदृश्य को बदल रहा है। मुझे खुशी है कि हम जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। यह एक मील के पत्थर की तरह होगा और भारत के डिजिटल भविष्य में उसकी भूमिका को और पुष्ट करेगा। पूरे साल में 19% की मजबूत EBITDA ग्रोथ- मोबाइल सेवाओं, होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज सर्विसेज़ में लगातार बढ़ती मांग की वजह से आई है। हम AI टूल्स और अगली पीढ़ी की टेक्नोलॉजी को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रहे हैं, और जियो आने वाले समय में यह तय करने की स्थिति में है कि भारत कैसे कम्युनिकेशन करेगा, कंप्यूट करेगा और कंटेंट का इस्तेमाल करेगा।

रिलायंस रिटेल ने भी पूरे साल स्थिर और मजबूत प्रदर्शन किया। मुझे भरोसा है कि उसका ओम्नी-चैनल नेटवर्क और भारतीय उपभोक्ताओं की गहरी समझ आने वाले समय में लगातार ग्रोथ को आगे बढ़ाएगी। कंज़्यूमर प्रोडक्ट्स बिजनेस, जो अब एक अलग और फोकस्ड स्ट्रक्चर में काम कर रहा है, तेज़ी से बढ़ रहा है और FMCG ब्रांड्स का दायरा भी बढ़ रहा है। भारत में खपत की कहानी अभी कई वर्षों तक चलने वाली है और हमारे बिजनेस इसके केंद्र में हैं।

O2C बिजनेस ने साल भर एक जटिल वैश्विक माहौल में काम किया। पश्चिम एशिया के युद्ध की वजह से वैश्विक सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ा। ऐसे समय में भी रिलायंस ने देश को ज़रूरी ऊर्जा और संसाधन उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता निभाई। हमारी O2C टीम ने LPG उत्पादन बढ़ाने के लिए संसाधनों का सही दिशा में उपयोग किया, वहीं Jio-bp ने देशभर में ईंधन की सप्लाय बनाए रखी। KG-D6 बेसिन की गैस को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुसार ज़रूरी क्षेत्रों में भेजा गया। मुझे अपनी टीमों की प्रतिबद्धता और चुनौतियों से निपटने की उनकी क्षमता पर गर्व है।

हाल के घटनाक्रमों ने ऊर्जा सुरक्षा की अहमियत को और स्पष्ट कर दिया है। मुझे खुशी है कि रिलायंस अपनी न्यू एनर्जी गीगा-फ़ैक्ट्रियों को तेज़ी से तैयार कर रहा है। यह बिज़नेस भविष्य में रिलायंस के लिए एक बड़ा ग्रोथ इंजन बनेगा और भारत की ऊर्जा जरूरतों में महत्वपूर्ण योगदान देगा।”

वहीं, रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा एम. अंबानी ने कहा कि “FY26 रिलायंस रिटेल के लिए बड़े पैमाने पर ग्रोथ का साल रहा। हमारा रेवेन्यू ₹3.70 लाख करोड़ को पार कर गया, EBITDA ₹27,000 करोड़ से ऊपर पहुंचा और हमने 1.93 अरब ट्रांजैक्शंस के जरिए 38 करोड़ 70 लाख रजिस्टर्ड ग्राहकों को सेवाएं दी। यह भारत के सबसे बड़े रिटेल नेटवर्क की ताकत दिखाता है।

इस साल सबसे बड़ा बदलाव स्ट्रक्चरल रहा। हाइपर-लोकल कॉमर्स के ऑर्डर सालाना आधार पर चार गुना से ज्यादा बढ़े। हम किराना, इलेक्ट्रॉनिक्स और फैशन - तीनों में भारत का सबसे बड़ा हाइपर-लोकल डिलीवरी नेटवर्क चला रहे हैं, जो 1,200 से ज्यादा शहरों और 5,100+ पिन कोड में फैले 3,100+ स्टोर्स से संचालित होता है। यह एक पूरी तरह भारतीय मॉडल है, जो रिलायंस के स्केल के दम पर बना है।

FY27 में हमारा ध्यान इस बड़े नेटवर्क के ज़रिए ग्राहकों को ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा पहुंचाने पर रहेगा - AI आधारित मर्चेंडाइजिंग, बेहतर प्राइसिंग और मजबूत निष्पादन के जरिए हम ये करने की कोशिश करेंगे। हमारी बैलेंस शीट मजबूत है। अलग-अलग कैटेगरी में हमारी लीडरशिप लगातार बढ़ रही है। हम रिलायंस रिटेल को आने वाले दशक के लिए स्थायी और लाभदायक ग्रोथ के लिए तैयार कर रहे हैं।”

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0