शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणें अमृत के समान:- दुखन पटवा
अमरेन्द्र कुमार सिंह
गया । धर्म नगरी गयाजी में स्थिति मानपुर दुर्गास्थान पटवा टोली के मैरिज हॉल शरद पूर्णिमा बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन लक्ष्मी माता की पूजा की जाती है। शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणें अमृत के समान मानी जाती है।शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में धन की वर्षा होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है, शरद पूर्णिमा एवं रामायण के रचनाकर महर्षि वाल्मीकि जी व कृष्ण भक्त मीरा बाई की आज जयंती है। इस अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया स्थान मानपुर दुर्गास्थान पटवा टोली के मैरिज हॉल में जिसमें खीर प्रसाद के रूप वितरण किया गया। इस कार्यक्रम में दुखन पटवा जिला संयोजक बुनकर प्रकोष्ठ गया, भाजपा ढाल चंद प्रसाद, रामजी प्रसाद, भूपेन्द्र प्रसाद, लालधारी प्रसाद, आमोद कुमार, खुबलाल प्रसाद, एवं अन्य शामिल स्वयंसेवक बंधु व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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