गढ़वा के बूढ़ा पहाड़ पहुंचे मंत्री राधाकृष्ण किशोर, नक्सल मुक्त दावे की जमीनी हकीकत का लिया जायजा
मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विश्वास जताया कि एक वर्ष के भीतर इस क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों से नक्सल प्रभावित रहा बूढ़ा पहाड़ अब काफी हद तक उग्रवाद से मुक्त हो चुका है।
Garhwa : नक्सल मुक्त भारत के दावों के बीच जमीनी सच्चाई को परखने के लिए झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर अचानक गढ़वा जिले के कभी उग्रवाद प्रभावित रहे बूढ़ा पहाड़ इलाके में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की।
मंत्री ने बूढ़ा पहाड़ पर तैनात सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात कर उनका मनोबल बढ़ाया और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने कुल्ही पिकेट प्रभारी प्रदीप सिंह को 5000 रुपये और बूढ़ा पहाड़ पिकेट प्रभारी वीरेंद्र पासवान को 10,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया।
मंत्री ने टेहरी पंचायत के मुखिया बिनको टोप्पो के साथ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान 11 गांवों की स्थिति और वहां चल रही विकास योजनाओं की जानकारी ली गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन गांवों में विकास कार्यों की गति तेज की जाए। इस दौरान उन्होंने कहा कि करीब दो दशक पहले वे कुल्ही आए थे और तभी से उनका सपना बूढ़ा पहाड़ आने का था। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर उन्होंने इस क्षेत्र का दौरा कर जमीनी हकीकत को समझने का प्रयास किया है।
उन्होंने बीडीओ अमित कुमार और सीओ राकेश भूषण सिंह को निर्देश दिया है कि बूढ़ा पहाड़ के विकास के लिए घोषित सभी योजनाओं की जल्द समीक्षा कर उन्हें धरातल पर उतारा जाए। साथ ही मुखिया बिनको टोप्पो को क्षेत्र की समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराने को कहा गया है।
मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विश्वास जताया कि एक वर्ष के भीतर इस क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों से नक्सल प्रभावित रहा बूढ़ा पहाड़ अब काफी हद तक उग्रवाद से मुक्त हो चुका है। हालांकि, पूरी तरह समाप्ति के लिए अभी प्रयास जारी है।
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