22 लाख 72 हजार से अधिक कन्याओं को अबतक मिला कन्या विवाह योजना का लाभ, 1136 करोड़ रुपये डीबीटी से ट्रांसफर
वित्तीय वर्ष 2007-08 में 20 हजार कन्या लाभार्थियों की संख्या दर्ज की गई थी, जो 2022-23 में बढ़कर 2 लाख 31 हजार 723 हो गई। इस वित्तीय वर्ष 115 करोड़ 86 लाख 15 हजार राशि कन्या विवाह योजना के तहत भेजी गई।
PATNA : मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक वर्ष लाभुकों की संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है। बीते 19 वर्षों में 22 लाख 72 हजार 35 कन्याओं को इसका लाभ दिया जा चुका है। योजना के तहत लाभुकों को कुल 1136 करोड़ 1 लाख 75 हजार रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर(डीबीटी) के माध्यम से भेजी गई है।
समाज कल्याण विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2007-08 में 20 हजार कन्या लाभार्थियों की संख्या दर्ज की गई थी, जो 2022-23 में बढ़कर 2 लाख 31 हजार 723 हो गई। इस वित्तीय वर्ष 115 करोड़ 86 लाख 15 हजार राशि कन्या विवाह योजना के तहत भेजी गई। वहीं, वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1 लाख 57 हजार 868 लाभार्थी, 2024-25 में 65 हजार 535 और 2025-26 में 39 हजार 435 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया गया है।
कन्या विवाह योजना के तहत गरीबी रेखा के अंतर्गत आने वाले परिवारों की बेटियों को शादी पर पांच हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। अगले भुगतान के लिए 7 हजार 694 लाभार्थियों को 3.84 करोड़ रुपये का लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
योजना के तहत बीपीएल तथा वैसे परिवार जिनकी वार्षिक आय 60 हजार रुपये से कम है उन्हें बेटियों के विवाह पर 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि ई-सुविधा के माध्यम से लाभार्थी के खाते में डीबीटी की जाती है। इसके लिए वधू की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा वर की 21 वर्ष अनिवार्य है। इसका मुख्य उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को विवाह के समय आर्थिक बोझ कम करना, विवाह पंजीकरण को बढ़ावा देना तथा बाल विवाह को पूरी तरह रोकना है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक वर्ष लाभुकों की संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है। बीते 19 वर्षों में 22 लाख 72 हजार 35 कन्याओं को इसका लाभ दिया जा चुका है। योजना के तहत लाभुकों को कुल 1136 करोड़ 1 लाख 75 हजार रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर(डीबीटी) के माध्यम से भेजी गई है।
समाज कल्याण विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2007-08 में 20 हजार कन्या लाभार्थियों की संख्या दर्ज की गई थी, जो 2022-23 में बढ़कर 2 लाख 31 हजार 723 हो गई। इस वित्तीय वर्ष 115 करोड़ 86 लाख 15 हजार राशि कन्या विवाह योजना के तहत भेजी गई। वहीं, वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1 लाख 57 हजार 868 लाभार्थी, 2024-25 में 65 हजार 535 और 2025-26 में 39 हजार 435 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया गया है।
कन्या विवाह योजना के तहत गरीबी रेखा के अंतर्गत आने वाले परिवारों की बेटियों को शादी पर पांच हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। अगले भुगतान के लिए 7 हजार 694 लाभार्थियों को 3.84 करोड़ रुपये का लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
योजना के तहत बीपीएल तथा वैसे परिवार जिनकी वार्षिक आय 60 हजार रुपये से कम है उन्हें बेटियों के विवाह पर 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि ई-सुविधा के माध्यम से लाभार्थी के खाते में डीबीटी की जाती है। इसके लिए वधू की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा वर की 21 वर्ष अनिवार्य है। इसका मुख्य उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को विवाह के समय आर्थिक बोझ कम करना, विवाह पंजीकरण को बढ़ावा देना तथा बाल विवाह को पूरी तरह रोकना है।



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